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झारखंड सरकार द्वारा संचालित सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना राज्य के गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले पात्र राशन कार्डधारियों को वर्ष में दो बार अत्यंत रियायती दर पर धोती, लुंगी और साड़ी उपलब्ध कराई जाती है।
योजना का उद्देश्य केवल वस्त्र उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के वार्षिक खर्च को कम करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहायता देना भी है। इस योजना का संचालन खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से किया जाता है।
वर्ष 2026 में राज्य सरकार ने इस योजना के अंतर्गत वस्त्रों की खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं तथा विभागीय समीक्षा बैठक में वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना क्या है?
सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना झारखंड सरकार की एक कल्याणकारी योजना है जिसके तहत पात्र राशन कार्डधारी परिवारों को प्रत्येक छह महीने में एक बार निम्नलिखित वस्त्र रियायती दर पर उपलब्ध कराए जाते हैं—
- एक धोती या लुंगी – ₹10 में
- एक साड़ी – ₹10 में
इस प्रकार पात्र परिवारों को साल में दो बार यह लाभ मिलता है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना को शुरू करने के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं—
- गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को कम कीमत पर वस्त्र उपलब्ध कराना।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक प्रभावी बनाना।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के वार्षिक वस्त्र खर्च को कम करना।
- ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करना।
योजना का इतिहास
सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना का इतिहास कई वर्षों पुराना है।
- वर्ष 2014 में इस योजना की शुरुआत की गई।
- वर्ष 2015 में योजना का संचालन बंद कर दिया गया।
- वर्ष 2020 में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के निलंबन के बाद सरकार ने इस योजना को नई व्यवस्था के साथ लागू करने का निर्णय लिया।
- 24 सितंबर 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका से योजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
- इसके बाद से पात्र राशन कार्डधारियों को PDS दुकानों के माध्यम से नियमित रूप से धोती, लुंगी एवं साड़ी वितरित की जा रही है।
योजना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना |
| राज्य | झारखंड |
| विभाग | खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग |
| प्रारंभ | वर्ष 2014 (पुनः शुभारंभ 24 सितंबर 2021) |
| लाभार्थी | NFSA के पात्र राशन कार्डधारी |
| वितरण | प्रत्येक 6 माह में |
| लाभ | ₹10 में धोती/लुंगी एवं ₹10 में साड़ी |
| वितरण माध्यम | सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) |
योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
पात्र परिवारों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं—
- वर्ष में दो बार वस्त्र वितरण।
- ₹10 में एक धोती या लुंगी।
- ₹10 में एक साड़ी।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी वितरण।
- ई-पॉस मशीन के माध्यम से लाभार्थी सत्यापन।
पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी—
- झारखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत पात्र राशन कार्डधारी होना चाहिए।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंधित होना चाहिए।
- सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता सूची में नाम होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज उपयोग किए जा सकते हैं—
- राशन कार्ड
- आधार कार्ड
- मतदाता पहचान पत्र
- ड्राइविंग लाइसेंस
- परिवार के मुखिया या वार्ड पार्षद द्वारा जारी पहचान प्रमाण
आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होती।
यदि आपका नाम पात्र राशन कार्ड में दर्ज है, तो—
| चरण | प्रक्रिया | विवरण |
|---|---|---|
| चरण 1 | निकटतम उचित मूल्य दुकान (PDS) पर जाएँ | अपने क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की उचित मूल्य दुकान पर निर्धारित वितरण तिथि के दौरान जाएँ। |
| चरण 2 | पहचान सत्यापित कराएँ | ई-पॉस (e-POS) मशीन के माध्यम से आधार कार्ड, राशन कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र द्वारा अपनी पहचान सत्यापित कराएँ। |
| चरण 3 | निर्धारित शुल्क जमा करें | प्रत्येक धोती, लुंगी या साड़ी के लिए निर्धारित ₹10 का शुल्क जमा करें। |
| चरण 4 | धोती/लुंगी एवं साड़ी प्राप्त करें | सफल सत्यापन और भुगतान के बाद उचित मूल्य दुकान से अपनी धोती/लुंगी एवं साड़ी प्राप्त करें। |
वितरण प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत वितरण पूरी तरह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से किया जाता है।
वितरण की प्रमुख विशेषताएँ—
- ई-पॉस मशीन आधारित वितरण।
- प्रत्येक छह माह में वितरण।
- वर्ष में दो बार लाभ।
- पारदर्शी एवं डिजिटल सत्यापन।
- निर्धारित तिथि पर राशन दुकानों के माध्यम से वितरण।
2026 की सबसे बड़ी सरकारी अपडेट
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड सरकार ने इस योजना में वस्त्र खरीद संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
अब सरकार लगभग 1.32 करोड़ धोती, साड़ी एवं लुंगी की खरीद करेगी। पहले केवल कंपनियों को निविदा में भाग लेने की अनुमति थी, लेकिन अब निम्नलिखित संस्थाएँ भी पात्र होंगी—
- व्यक्तिगत उद्यमी (Proprietorship)
- पार्टनरशिप फर्म
- सोसाइटी
- ट्रस्ट
- कंपनी
हालांकि, निविदा में भाग लेने वाला आवेदक एक Single Entity होना चाहिए। Joint Venture अथवा Consortium की अनुमति नहीं होगी।
GeM Portal Tender में क्या बदलाव हुए?
सरकार ने GeM पोर्टल पर निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 29 जुलाई 2026 कर दी।
इसके अतिरिक्त—
- न्यूनतम 3,00,000 मीटर प्रतिदिन प्रोसेसिंग क्षमता आवश्यक।
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का वैध CTO प्रमाणपत्र आवश्यक।
- कताई, बुनाई, ब्लीचिंग, डाइंग, प्रिंटिंग एवं फिनिशिंग की इन-हाउस सुविधा होनी चाहिए।
विभागीय समीक्षा बैठक (21 मई 2026)
21 मई 2026 को विभागीय सचिव की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा में पाया गया कि—
- वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रथम छमाही में 20 मई 2026 तक केवल 47.91% वितरण पूरा हुआ था।
- जिन जिलों में वितरण कार्य लंबित था, उन्हें 31 मई 2026 तक वितरण पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- सभी जिलों में वितरण की नियमित साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया।
योजना का टाइमलाइन
| वर्ष | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 2014 | योजना की शुरुआत |
| 2015 | योजना का संचालन बंद |
| 2020 | नई व्यवस्था के तहत योजना की घोषणा |
| 24 सितंबर 2021 | मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शुभारंभ |
| 2026 | खरीद नियमों में संशोधन |
| 2026 | वितरण प्रगति की विभागीय समीक्षा |
योजना के प्रमुख लाभ
- गरीब परिवारों को कम कीमत पर वस्त्र।
- सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी वितरण।
- डिजिटल सत्यापन के साथ लाभ।
- वर्ष में दो बार सहायता।
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत।
हेल्पलाइन एवं संपर्क
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखंड
हेल्पलाइन
- 0651-2400960
- 0651-2400958
ईमेल: [email protected]
पता: परियोजना भवन, धुर्वा, रांची – 834004
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना क्या है?
यह झारखंड सरकार की एक कल्याणकारी योजना है जिसके तहत पात्र राशन कार्डधारियों को ₹10 में धोती/लुंगी एवं साड़ी उपलब्ध कराई जाती है।
2. योजना का लाभ कितनी बार मिलता है?
साल में दो बार (प्रत्येक छह माह में)।
3. योजना का लाभ किसे मिलता है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत आने वाले पात्र राशन कार्डधारी परिवारों को।
4. क्या आवेदन करना आवश्यक है?
नहीं। पात्र लाभार्थियों को PDS दुकान के माध्यम से सीधे लाभ दिया जाता है।
5. क्या आधार कार्ड आवश्यक है?
आधार कार्ड सहित अन्य मान्य पहचान पत्रों का उपयोग सत्यापन के लिए किया जा सकता है।
6. वर्ष 2026 में क्या नया बदलाव हुआ है?
अब फर्म, सोसाइटी, ट्रस्ट तथा अन्य पात्र संस्थाओं को भी योजना के अंतर्गत वस्त्र आपूर्ति हेतु GeM पोर्टल पर निविदा में भाग लेने की अनुमति दी गई है।
निष्कर्ष
सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है, जो गरीब एवं पात्र राशन कार्डधारियों को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता प्रदान करती है। वर्ष में दो बार मात्र ₹10 की रियायती दर पर धोती, लुंगी और साड़ी उपलब्ध कराकर यह योजना लाखों परिवारों को आर्थिक राहत देती है।
हाल के वर्षों में सरकार ने वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किए हैं, जिससे योजना का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लाभार्थियों तक पहुँच सके। यदि आप झारखंड के पात्र राशन कार्डधारी हैं, तो निर्धारित तिथियों पर अपने निकटतम उचित मूल्य दुकान (PDS) से इस योजना का लाभ अवश्य प्राप्त करें।







